राम मंदिर दान चोरी पर पहली बार मायावती का बयान; तीखे लहजे में कहा- ऐसे लोग कतई भी बख्शे नहीं जाने चाहिए, दी यह सलाह
BSP Mayawati First Statement Over Ram Mandir Daan Chori Ayodhya Dham
Ram Mandir Daan Chori: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में 'दान चोरी' का मामला पूरे देश में चर्चा में है. वहीं मामले में कार्रवाई लगातार जारी है. इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती का राम मंदिर दान चोरी को लेकर पहली बार बयान सामने आया है. इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर हमलावर होते देखे जा रहे हैं. वहीं अब मायावाती ने भी तीखे लहजे में 'दान चोरी' में संलिप्त आरोपियों को किसी भी कीमत न बख्शने और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किये जाने को कहा है.
राम मंदिर दान चोरी पर क्या बोलीं मायावती?
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया के X प्लेटफार्म पर पोस्ट करते हुए लिखा, "अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, गबन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन किस्म-किस्म की आ रही खबरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय हैं। ऐसे लोग कतई भी बख्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।''
मायावती ने राम मंदिर में व्यवस्था को लेकर दी सलाह
मायावती ने राम मंदिर में व्यवस्था को लेकर सलाह भी दी. उन्होंने कहा, ''साथ ही, अब यहां मन्दिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आये, इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मन्दिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो वहां व्यवस्था है तो उनका यहां अयोध्या में भी अनुसरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिये तो यह उचित होगा।''
धर्म का राजनीतिकरण न किया जाए
वहीं मायावती ने आगे कहा, ''इतना ही नहीं बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा, ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह है और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील है।"
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के…
— Mayawati (@Mayawati) June 30, 2026
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
— Mayawati (@Mayawati) June 30, 2026
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के…
राम मंदिर मामले में एक्शन जारी
अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के मामले में एक्शन का दौर लगातार जारी है। SIT की शुरुवाती रिपोर्ट के बाद इस मामले में अब तक 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही बड़ी मात्रा में कैश की बरामदगी भी की गई है. इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
पुलिस ने चंपत राय से पूछताक्ष कर बयान लिया
इसी के साथ ही राम मंदिर दान घोटाले को लेकर पुलिस ने चंपत राय से पूछताक्ष भी की है और उनका बयान दर्ज कर लिया गया है. साथ ही जांच के दौरान अगर आगे जरूरत पड़ी, तो पुलिस अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के दूसरे पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज करेगी. चंपत राय इस पूरे मामले में अब तक आधिकारिक तौर से कुछ बोलने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं.
SIT जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों के घपले के मामले में योगी सरकार सख्त रुख अपना रही है और SIT की शुरुवाती जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। 26 जून को जिन 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई. इनमें रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। बताया जाता है कि ये सभी राम मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम की काउंटिंग और उसके मैनेजमेंट (हिसाब-किताब) से जुड़े हुए थे।
राम मंदिर दान चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
राम मंदिर दान चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट भी जा पहुंचा है. एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान चोरी मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने सवाल किया था कि इस मामले में तत्काल सुनवाई क्यों जरूरी है और इतनी जल्दबाजी क्यों है? यह बताया जाए. इसके बाद कोर्ट द्वारा जल्द सुनवाई की मांग पर विचार किया जाएगा.
दरअसल राम मंदिर दान चोरी की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. जिसमें मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो और इसके लिए एक समयसीमा तय की जाए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआइटी मामले की जांच करे. यह एसआइटी सीबीआई के किसी सीनियर अधिकारी की अगुवाई में बने. वहीं याचिका में सुप्रीम कोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई कि मामले में देरी किए जाने से मामले के सम्बन्ध में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दूसरे अहम सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है। जिससे मामला प्रभावित हो सकता है.
23 जून को SIT ने ACS होम को जांच रिपोर्ट सौंपी
गौरतलब है कि 23 जून को राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के लिए गठित 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी. एसआईटी द्वारा विभिन्न स्तरों पर अब तक की गई जांच की यह प्रारंभिक रिपोर्ट थी। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई शुरू हुई और एफ़आईआर दर्ज कर नामजद 8 लोगों की गिरफ्तारी की गई. फिलहाल एसआईटी के यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी। बता दें कि राम मंदिर में चोरी का मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील बना हुआ है।
योगी ने कहा था- अपराधी कोई भी हो वो बचेगा नहीं
सीएम योगी ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाया हुआ है और खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। बीते दिनों सीएम योगी ने अयोध्या में ही एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि SIT की जांच पर भरोसा रखिए। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। उन्होंने यह भी साफ तौर से कहा था कि अगर कोई अपराधी है और वो कोई भी होगा तो वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है। योगी जिस वक्त ये बयान दे रहे थे, उस दौरान एसआईटी की टीम भी अयोध्या में मौजूद थी और दान के दस्तावेजों, बैंक जमा रिकॉर्ड और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर मौके पर जायजा ले रही थी।
राम मंदिर में कैसे हुआ चढ़ावा चोरी?
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों के घपले को लेकर मामला काफी ज्यादा गरमाया हुआ है। आरोप है कि दान और चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये मंदिर में लगे कुछ कर्मचारियों द्वारा ही हेरफेर कर गायब किए गए। इस मामले ने पूरे देश को सकते में ला दिया है। यह मामला सिर्फ मंदिर में दान चोरी का नहीं है बल्कि देश के लोगों की भावना, आस्था और श्रद्धा की भी चोरी है। प्रभु राम पर आस्था रखने वाले करोड़ों हिंदुओं पर आघात है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राम मंदिर से चढ़ावे के करोड़ों रुपये गायब किए गए। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए सोने, चांदी और हीरे के असली आभूषणों को नकली वस्तुओं से बदल दिया गया।
आरोप- CCTV कैमरों में गड़बड़ी की गई
आरोप है कि दान के पैसों और आभूषणों की सुरक्षा में भारी सेंधमारी की गई। सुरक्षा के लिए जो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उनमें जानबूझकर गड़बड़ी की गई। सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी और पिछले कुछ महीनों के फुटेज डिलीट कर दिए गए थे ताकि चोरी पकड़ी न जा सके। फिलहाल कई मंदिर कर्मचारी SIT की रडार पर हैं और जांच की जा रही है। लेकिन इस पूरे मामले ने देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। सबसे बड़ा सवाल है कि कोई भगवान के घर पर चोरी कैसे कर सकता है?